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20 सितंबर को झारखंड, बंगाल और ओडिशा में 100 स्थानों पर रेल टेका आंदोलन का ऐलान

 

आदिवासी कुड़मि समाज की केंद्रीय कमेटी की बैठक में चार प्रमुख मांगों पर सर्वसम्मति

 

जमशेदपुर/चांडिल: चांडिल प्रखंड अंतर्गत डोबो-रुगड़ी स्थित कुड़मि भवन में रविवार को आदिवासी कुड़मि समाज की केंद्रीय कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में समाज के मुलखुंटी मूल मानता एवं केंद्रीय संयोजक अजीत प्रसाद महतो मौजूद रहे। बैठक में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम से केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारी व प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 

बैठक में समाज के जातीय अस्तित्व, पहचान और अधिकार के लिए निर्णायक आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। मुख्य वक्ता अजीत प्रसाद महतो ने घोषणा की कि 20 सितंबर 2025 को झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 स्थानों पर रेल टेका आंदोलन किया जाएगा।

 

बैठक में चार प्रमुख मांगों पर सर्वसम्मति बनी—

 

1. कुड़मालि परंपरागत पेसा कानून राज्य सरकार जल्द लागू करे।

 

 

2. 2026 की जनगणना में मातृभाषा के स्थान पर “कुड़मालि”, जाति के स्थान पर “कुड़मि” और धर्म के स्थान पर “आदिवासी धर्म” अथवा “एनिमिज्म” दर्ज किया जाए।

 

 

3. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी झारखंड की तरह कुड़मियों की जमीन पर सीएनटी एक्ट लागू किया जाए।

 

 

4. आंदोलन में अन्य संगठनों को भी जोड़ा जाए और चरणबद्ध रणनीति अपनाई जाए।

 

 

 

बैठक में आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक धर्म पर भी विशेष चर्चा की गई। अजीत प्रसाद महतो ने कहा, “अब समय आ गया है कि समाज अपनी मांगों के लिए संगठित होकर निर्णायक लड़ाई लड़े।”

 

कार्यक्रम में केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार महतो, छोटेलाल महतो, अधिवक्ता बसंत महन्ता, केंद्रीय प्रवक्ता सशधर काड़ुआर, केंद्रीय सचिव अधिवक्ता सुनील कुमार महतो, केंद्रीय सहसचिव जयराम महतो एवं संजय महतो, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रासबिहारी महतो, केंद्रीय संपादक साधन महतो, कुड़मालि धर्म गुरु संतोष काटिआर, इतिहासविद दीपक पुनअरिआर, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष पद्मलोचन महतो सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

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