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23 साल बाद ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर दुरुस्त किया कुकड़ू – ईचाडीह सड़क

 

कुकड़ू प्रखंड के कुकड़ू से ईचाडीह भाया चौका तक 4.3 किलोमीटर सड़क 2002 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी थी। इसके बाद से अब तक सड़क का जीर्णोद्धार नहीं हुआ। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों के कारण आवागमन ग्रामीणों के लिए रोज की चुनौती बन गया था। रविवार को पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क की मरम्मती की। पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साव ने कहा कि इस सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीण कई बार विभाग और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। बरसात में हालात और भी बिगड़ जाते हैं। विभाग की ओर से 4.3 किलोमीटर सड़क के जीर्णोद्धार के लिए टेंडर जारी हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, मंईयां सम्मान योजना के चलते विभाग के पास फंड की कमी भी एक बड़ी बाधा है।

 

मिट्टी-मुरम से सड़क का श्रमदान से हुआ मरम्मती

 

रविवार को आयोजित श्रमदान में ग्रामीणों ने जेसीबी और ट्रैक्टर से मिट्टी-मुरम मंगाकर गड्ढे भरे और सड़क को दुरुस्त किया। इस मौके पर ईचाडीह पंचायत के मुखिया चित्तरंजन सिंह, पंचायत समिति सदस्य मंगल सिंह,पूर्व मुखिया प्रतिनिधि गोरा चांद सिंह मुंडा, रमेश गोप, कार्तिक प्रमाणिक, मलखान प्रमाणिक, रोहिन महतो, सदानंद कुमार, नकुल गोप, आकाश प्रमाणिक समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

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