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300 से अधिक मतदाताओं को मतदान अधिकार से वंचित रखने का आरोप, चुनाव विभाग पर लापरवाही का दावा

चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): मतदान के मौलिक अधिकार से वंचित किए गए लगभग 300 से 320 मतदाताओं को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। 

 

इन मतदाताओं का आरोप है कि विगत दो पंचायत चुनावों में उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होने के कारण वे मतदान नहीं कर सके। बाद में उन्हें यह जानकारी दी गई कि वे नगरपरिषद क्षेत्र में आते हैं, लेकिन विडंबना यह रही कि नगरपरिषद की मतदाता सूची में भी, आपत्ति दर्ज कराने के निर्धारित समय पर आवेदन देने के बावजूद, उनके नाम शामिल नहीं किए गए।

 

इस संबंध में प्रभावित मतदाताओं की ओर से जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिल्ली एवं राज्य निर्वाचन आयोग रांची को आवेदन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई। आवेदन के साथ साक्ष्य भी संलग्न किए गए, जिसमें पंचायत क्षेत्र में मतदान कर चुके मतदाताओं को नगरपरिषद वार्ड संख्या 3 में पुनः सूचीबद्ध किए जाने की जानकारी दी गई थी।

 

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिल्ली द्वारा पत्र भेजकर यह सूचित किया गया है कि दोनों विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य निर्वाचन पदाधिकारी रांची को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। इसके बावजूद अब तक जिला निर्वाचन विभाग की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

 

मतदाताओं का कहना है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें हो रही देरी सीधे तौर पर उन्हें मतदान के मौलिक अधिकार से वंचित रखने के समान है। लगातार पत्राचार और आवेदन देने के बाद भी समाधान नहीं निकलना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

 

इस पूरे मामले को लेकर सभी संबंधित पत्रों और दस्तावेजों को प्रेस विज्ञप्ति के साथ अनुलग्न किया गया है, ताकि स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट रूप से सामने रखा जा सके।

 

प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले हेमन्त कुमार केशरी, प्रदेश मंत्री, भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा जाति मोर्चा, झारखंड ने मांग की है कि मामले पर शीघ्र निर्णय लेते हुए प्रभावित सभी मतदाताओं का नाम नगरपरिषद की मतदाता सूची में जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में वे अपने मतदान अधिकार का प्र

योग कर सकें।

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