राजनगर क्षेत्र में हो रही अफ़ीम की खेती, पुलिस को नहीं है खबर
Saraikella:- झारखंड के कई जिलों में धड़ल्ले से अफीम की खेती की जा रही है। अफीम की खेती कौन कर रहा है और किसके दबाव में इसकी खेती की जा रही है, इसका पता अब तक पुलिस नहीं लगा पाई है। सूचना मिलने पर पुलिस सिर्फ अफीम की लहलहाती फसलों को ही नष्ट कर खानापूरी कर रही है।

सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां, कुचाई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अफीम की फसलों को पुलिस ने कई बार नष्ट किया, लेकिन अब राजनगर में पहली बार 15 एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की खेती की जा रही है, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी है। राजनगर थाना क्षेत्र के डुमरडीहा पंचायत अंतर्गत चापड़ा गांव में खरकाई नदी से सटे खेतों में इनदिनों अफीम की फसल लहलहा रही है। लगभग 15 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती माफिया द्वारा की गई है। हालांकि इसकी खेती किसने की है, अभी तक पता नहीं चल पाया है।
इसपर ग्रामीण भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं कि आखिर इतने वृहद क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ अफीम की खेती किसने की है। अमूमन अफीम की खेती की खबर कुचाई व खरसावां के जंगलों में देखने-सुनने को मिलती है। पहली बार राजनगर में इतने बड़े क्षेत्र में अफीम की खेती ने सबके होश उड़ा दिए हैं।
क्या कहा प्रशासन ने
जल्द ही अफीम खेती नष्ट की जाएगी। किसी हाल में नशीले पदार्थों की धंधे की छूट नहीं दी जाएगी। पुलिस इसपर सख्त कार्रवाई करेगी।अमिश कुमार, थाना प्रभारी, राजनगर

दीपक महतो – संस्थापक, छोटानागपुर लाइव
दीपक कुमार महतो पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने न्यूज़ 11 सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार पत्रों में काम किया है।
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