पत्रकारों पर फर्जी मामलों पर रोक लगाने की मांग, उपायुक्त से मिला पत्रकार संगठन का प्रतिनिधिमंडल

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि जिले में असली और फर्जी पत्रकारों के बीच भ्रम की स्थिति के कारण कार्यरत पत्रकारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि एसोसिएशन के जिला महासचिव आशीष गुप्ता पर एक ही सिंडिकेट के इशारे पर लगातार तीन बार फर्जी मामले दर्ज कराए गए हैं।


उपायुक्त राजीव रंजन ने मामले की जानकारी लेने के बाद इसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अग्रसारित कर उचित जांच कराने का आश्वासन दिया।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह ने कहा कि फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग करने वाले कुछ लोग स्वयं ही भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग जिला प्रशासन को गुमराह कर क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज करवाने में भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं जिला महासचिव आशीष गुप्ता ने कहा कि अवैध गतिविधियों और कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी खबरों के बाद यूसील जैसी कंपनी में अवैध ठेकेदारी प्रथा समाप्त हुई, जिसके बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई।
मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इनमें मनोरंजन सिन्हा, चंदन डे, मनोज शर्मा, देवेंद्र मिश्रा, धनंजय कुमार, बिलकिस खातून, दिनेश श्रीवास्तव, बिपीन चंद्र पांडेय, हमजा इक़बाल, तौसिफ अंसारी, नागेंद्र कुमार और चरणजीत सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे।

