आदित्यपुर में नौवें अंतर्राष्ट्रीय श्रीनाथ हिंदी महोत्सव का भव्य उद्घाटन
मुख्य अतिथि श्रीमती सविता महतो ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल जन-जन की भाषा नहीं, बल्कि देश को जोड़ने वाली भाषा भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों से हिंदी विषय को समर्पित महोत्सव का आयोजन कर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।



कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने स्वागत भाषण में महोत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का अभिनंदन किया और कहा कि यह महोत्सव सभी की सहभागिता से ही सफल हो पाता है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, जियाडा उपनिदेशक श्री दिनेश रंजन, ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय चेतना का वाहक है और यह महोत्सव नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
प्रथम दिन के कार्यक्रम
महोत्सव के प्रथम दिन चिंतन-मनन सत्र का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली से डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ. रेनू यादव और शिकागो से अंतर्राष्ट्रीय वक्ता डॉ. श्वेता सिन्हा ने भाग लिया। सत्र का विषय था – “आधुनिक हिंदी साहित्य: युवा एवं नई दृष्टि”।
सत्र में वक्ताओं ने युवाओं की रचनात्मकता, सोशल मीडिया के प्रभाव, नारी दृष्टि और विभिन्न सामाजिक विमर्शों पर चर्चा की। डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने युवाओं को आम के पेड़ की तरह विकसित होने की सलाह दी, वहीं डॉ. रेनू यादव ने नारी लेखिकाओं के बदलते दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

महोत्सव में अनेक विद्यालयों और महाविद्यालयों ने सक्रिय भागीदारी की, जिनमें डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, श्रीराम इंटर कॉलेज, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आर्का जैन विश्वविद्यालय सहित कई संस्थान शामिल रहे।
सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम
प्रथम दिवस में हास्य कवि सम्मेलन, मुखड़े पर मुखड़ा, दीवार सज्जा, व्यक्तित्व झांकी, नुक्कड़ नाटक, मुद्दे हमारे विचार आपके, साहित्यिक कृति, शब्द संग्राम जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। साथ ही प्रश्नोत्तरी और रेडियो श्रीनाथ का प्रथम चरण भी संपन्न हुआ।
निर्णायक मंडल में शशि भूषण सिंह, बृजेश सिंह, जयकांत सिंह, रचना महतो, अशोक मैती, शैलेन्द्र अस्थाना, दीपक कुमार दीप सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
महोत्सव के प्रथम दिवस में कोल्हान विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक श्री दारा सिंह और विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर किया गया।


