आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 6 में महिला समितियों का ऐलान — “नेता नहीं, बड़ा भैया चाहिए”; सनातन पाल को समर्थन
सरायकेला


आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। हर वार्ड में प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। कोई अपने पिछले कामों का हवाला दे रहा है, तो कोई नए वादों की झड़ी लगा रहा है। लेकिन वार्ड संख्या 6 में इस बार चुनावी समीकरण कुछ अलग ही करवट लेता नजर आ रहा है।
वार्ड 6 के संभावित प्रत्याशी सनातन पाल को महिला समितियों का खुला समर्थन मिलने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। क्षेत्र की विभिन्न महिला समूहों ने बैठक कर एक सुर में कहा कि इस बार उनका समर्थन ऐसे व्यक्ति को मिलेगा जो केवल चुनावी वादे न करे, बल्कि हर समय जनता के साथ खड़ा रहे।
“हमें नेता नहीं, बड़ा भैया चाहिए”
महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वार्ड चुनाव में न राज्य का मुद्दा चलेगा और न ही देश का। यहां केवल वार्ड की समस्याएं निर्णायक होंगी।
उनका कहना है:
“हमें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जिसका दरवाजा हर समय खुला रहे, जो रोड, नाली, बिजली और बच्चों की शिक्षा की बात करे। वार्ड की लड़ाई वार्ड के मुद्दों पर ही लड़ी जाएगी।”
महिला समितियों ने सनातन पाल की साफ-सुथरी छवि और मृदुभाषी व्यवहार को समर्थन का प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि “सनातन भैया” ने हमेशा क्षेत्र में सहज उपलब्ध रहकर लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं में साथ दिया है।
जनसंपर्क में दिख रही भीड़
चुनावी मैदान में अन्य प्रत्याशी भी सक्रिय हैं। पार्टी समर्थित उम्मीदवार जहां अपनी सरकार की योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं, वहीं कुछ प्रत्याशी केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे हैं। लेकिन वार्ड 6 में स्थानीय मुद्दों की गूंज ज्यादा सुनाई दे रही है।
जनसंपर्क अभियान के दौरान सनातन पाल के साथ महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई मोहल्लों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से समर्थन की घोषणा कर माहौल को और गर्म कर दिया है।
क्या बदलेगा वार्ड 6 का समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि महिला वोट बैंक एकजुट होता है, तो वार्ड 6 में चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। स्थानीय मुद्दों पर आधारित यह समर्थन आने वाले दिनों में अन्य प्रत्याशियों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि महिला शक्ति के इस खुला समर्थन के बाद वार्ड 6 की सियासत किस दिशा में करवट लेती है।

