आदित्यपुर निकाय चुनाव में बवाल: बूथ 124 प्रकरण पर झारखंड मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
आदित्यपुर में 23 फरवरी को हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान वार्ड संख्या 17 के बूथ संख्या 124 पर हुई घटना को लेकर झामुमो ने कड़ी आपत्ति जताई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।


डॉ. महतो ने कहा कि यदि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है तो प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने डीसी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी से पूछा कि आखिर किस अनुमति के आधार पर पार्षद प्रत्याशी अमित सिंह उर्फ बॉबी सिंह अपने 70–80 समर्थकों के साथ मतदान केंद्र के भीतर पहुंचे। क्या इसके लिए पिठासीन पदाधिकारी या निर्वाचन आयोग से पूर्व अनुमति ली गई थी?
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि समाचार संकलन कर रहे एक पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की क्यों की गई। क्या कोई ऐसा प्रमाण था जिससे यह लगे कि पत्रकार मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे थे? डॉ. महतो ने कहा कि यदि पत्रकार ने कथित तौर पर बीएलओ की भूमिका पर सवाल नहीं उठाया होता तो क्या निष्पक्ष मतदान संभव हो पाता?
बूथ संख्या 124 पर बीएलओ की प्रतिनियुक्ति को भी उन्होंने गंभीर मामला बताया। उनका कहना है कि संबंधित बीएलओ वार्ड का निवासी होने के साथ नगर निगम का संविदा कर्मी भी है और पूर्व में अमित सिंह के डिप्टी मेयर कार्यकाल में कार्यरत रहा है। ऐसे में उसे उसी वार्ड में बीएलओ बनाए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
डॉ. महतो ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद बीएलओ को हटाए जाने पर वह मतदाता सूची अपने साथ ले गया, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक मतदान प्रक्रिया प्रभावित रही और मतदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि मतदाता सूची आने तक जानबूझकर हंगामा कराया गया, जिससे मतदाताओं में भय और असुरक्षा का माहौल बना।
उन्होंने पूछा कि क्या यह पूरा प्रकरण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? झामुमो जिलाध्यक्ष ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो। यदि पत्रकार पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है तो उस समय मौजूद पिठासीन अधिकारी, दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि घटना के समय मतदान केंद्र के अंदर कितने पत्रकार मौजूद थे और जिनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, वे मतदान स्थल से कितनी दूरी पर थे।
डॉ. महतो ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले की शिकायत सरकार से की जाएगी।
बाइट:
डॉ. शुभेंदु महतो, जिलाध्यक्ष, झामुमो


