“भाजपा की हताशा उजागर, हेमंत सरकार के विकास से घबराई विपक्षः विनोद पांडेय”
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के आरोपों को हताशा की प्रतिक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता और तेज़ विकास भाजपा को स्वीकार नहीं हो रहा है। पांडेय के अनुसार भाजपा ने लंबे शासनकाल में राज्य को अधूरे प्रोजेक्ट, बदहाल सड़कें, बंद उद्योग और बेरोजगारी की मार के अलावा कुछ नहीं दिया।


उन्होंने कहा कि आज जब हेमंत सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और युवाओं के रोजगार पर ठोस काम कर रही है, तब भाजपा तथ्यहीन बयानबाज़ी कर रही है। शिक्षक बहाली, स्कूलों का नवीनीकरण, दर्जनों उच्च विद्यालयों का उन्नयन और जिलों में विकसित आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे को भाजपा देखना ही नहीं चाहती।
पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में केंद्रित एजेंसियों के दुरुपयोग, नोटबंदी और सरकारी संपत्तियों की बिक्री जैसे फैसलों से अव्यवस्था पैदा की, वह झारखंड पर सवाल उठाने से पहले अपने कामों का मूल्यांकन करे।
उन्होंने कहा कि भाजपा को आदिवासी नेतृत्व की प्रगति रास नहीं आती, इसलिए वह विकास को राजनीतिक चश्मे से देखती है। झारखंड केंद्र को संसाधन देता है, इसलिए बजट देना कोई उपकार नहीं बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी है। 1932 खातियान, सरना धर्म कोड और कोयला रॉयल्टी पर भाजपा की चुप्पी ही उसका असली चरित्र दिखाती है।

