चाईबासा के युवा लेखक राणा राय की दूसरी पुस्तक “मोहनदास से महात्मा गांधी तक का सफर” प्रकाशित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): चाईबासा शहर के युवा लेखक राणा राय द्वारा लिखित दूसरी पुस्तक “मोहनदास से महात्मा गांधी तक का सफर” का प्रकाशन किया गया है। यह पुस्तक 75 लघु कहानियों का संग्रह है, जिसमें महात्मा गांधी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है।


पुस्तक में पोरबंदर के एक शर्मीले और डरपोक बालक मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी बनने तक की यात्रा को दर्शाया गया है।
राजकोट के कक्षा कक्ष से लेकर दांडी के नमक तट तक और अंत में दिल्ली में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान तक की घटनाओं को कहानियों के माध्यम से पाठकों के सामने रखा गया है। लेखक ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए बिना हथियार उठाए देश को आजादी दिलाने के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
राणा राय ने बताया कि पुस्तक में गांधी के जीवन से जुड़े प्रयोगों, असफलताओं और सफलताओं को जीवंत रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है।
उनका कहना है कि यह पुस्तक सत्य के साधकों, शांति में विश्वास रखने वालों और आने वाली पीढ़ी के नेताओं को समर्पित है, जो अहिंसा की सोच को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही यह हर उस मोहनदास को समर्पित है, जो अभी अपनी पहचान और आवाज की खोज में है।
लेखक के अनुसार, इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य गांधी को केवल इतिहास की पुस्तकों या प्रतीकों तक सीमित न रखकर, एक सामान्य इंसान के रूप में पाठकों के दिलों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महानता जन्म से नहीं आती, बल्कि सत्य और संघर्ष के रास्ते पर चलते हुए धीरे-धीरे बनती है।
महात्मा गांधी के शहादत दिवस 30 जनवरी के अवसर पर लेखक ने यह पुस्तक उन्हें समर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी है। यह पुस्तक नोसन प्रेस, फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित ई-कॉमर्स वेबसाइटों के माध्यम से 150 देशों में उपलब्ध है।

