चाईबासा सदर में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन, 856 लाभुकों की जांच व उपचार
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): आज बुधवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाइबासा, सदर के प्रांगण में किया गया। स्वास्थ्य मेला का विधिवत उद्घाटन प्रखंड प्रमुख मंजू देवगम और सिविल सर्जन डॉ भारती गोरती मिंज द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।


कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डालसा सचिव सह वरिष्ठ न्यायमूर्ति रवि चौधरी तथा लालमुनि पूर्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जगन्नाथ हेंब्रम ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का पौधा और शॉल देकर स्वागत किया।

डॉ जगन्नाथ हेंब्रम ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 6 दिसंबर से 10 दिसंबर तक स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज चाइबासा में स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन किया गया। इस स्वास्थ्य मेला की थीम सभी के लिए स्वास्थ्य, प्रत्येक ग्राम तक स्वास्थ्य सेवा है, जिसका उद्देश्य ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम पायदान के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
सिविल सर्जन डॉ भारती गोरती मिंज ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। सरकार की योजनाओं की जानकारी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी, चिकित्सक और ग्राम स्वास्थ्य सहिया का दायित्व है।
उन्होंने बताया कि इस स्वास्थ्य मेला के माध्यम से नि:शुल्क जांच, दवाइयां और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मेला में मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य और वृद्ध स्वास्थ्य से संबंधित कुल 22 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां संचारी एवं गैर संचारी रोगों की जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है।
प्रखंड प्रमुख मंजू देवगम ने क्षेत्र के लोगों से स्वास्थ्य मेला का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। वहीं लालमुनि पूर्ति ने सभी स्वास्थ्य सहिया, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों को उनके कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। रवि चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्वपूर्ण घटक है और इसके प्रति लोगों को जागरूक रहना आवश्यक है।
स्वास्थ्य मेला के दौरान फाइलेरिया से ग्रसित कटिगुटु, बुरूजोल की जानो पूर्ति को प्रभावित अंग के प्रबंधन के लिए मोर्बिडिटी प्रबंधन किट प्रखंड प्रमुख द्वारा प्रदान किया गया। इसके अलावा कुष्ठ और अंधापन से ग्रसित लाभुकों को भी किट और चश्मा दिया गया।
अंत में सभी मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ डॉ शिव चरण दासदा (उपाधीक्षक), डॉ मीणा क्लाउडिया (अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी) और विकास दीदराजका (भूतपूर्व सदस्य, झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग) द्वारा स्वास्थ्य मेला में लगे सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया गया।
स्वास्थ्य मेला में कुल 856 लाभुकों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया। इसमें 57 लाभुकों का आयुष्मान और आभा कार्ड बनाया गया। नेत्र जांच के अंतर्गत 111 लोगों की जांच हुई, जिनमें 23 लोगों को चश्मा प्रदान किया गया। गैर संचारी रोगों की जांच 375 लोगों की हुई। 19 बच्चों का टीकाकरण किया गया। 21 ज्वर पीड़ितों की मलेरिया जांच में 01 व्यक्ति मलेरिया धनात्मक पाया गया, जिसका उपचार सुनिश्चित किया गया। 05 लोगों की कुष्ठ जांच, 08 लोगों की टीबी जांच, 37 किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य परामर्श, 32 लोगों की दंत जांच, 17 महिलाओं की एएनसी एवं एचआईवी जांच तथा 51 लोगों को फैमिली प्लानिंग से संबंधित सेवाएं दी गईं। शेष लाभुकों को अन्य मौसमी बीमारियों से संबंधित जांच और उपचार उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर डॉ सुजाता महतो, डॉ संगीता मुंदरी, डॉ फरहत फातमा, डॉ अर्चना पाडया, अहसन फारूक, संजय मिश्रा, अभिषेक कुमार, निर्मल लागूरी, रजनीश पूर्ति, सभी सीएचओ, जीएनएम, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, एलटी, परामर्शदाता, योग प्रशिक्षक, आयुष्मान मित्र, बीटीटी, सहिया साथी, सभी सहिया तथा हजारों की संख्या में लाभुक उपस्थित थे।

