चांडिल डैम का बढ़ा जलस्तर, विस्थापित अधिकार मंच एवं जेएलकेएम ने दी तीखी प्रतिक्रिया
ईचागढ़ : चांडिल डैम का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई विस्थापित गांवों के खेतों में पानी घुस गया, जिससे पके धान भी नष्ट होने के कगार पर है। इस संबंध में विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन एवं जेएलकेएम के केन्द्रीय प्रवक्ता विद्रोही बिष्णु ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चांडिल डैम के रसुनिया,बाबुचामदा,तिलाईटांड़,


दयापुर,झापागोड़ा, कुमारी,केंदाआंदा सहित दर्जनों गांवों में बाड़ का स्थिति उत्पन्न हो गया है, धान की तैयार फसलें डुब रहा है। प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिस विश्वास और उम्मीद से यहां के लोगों ने अपनी घर, मकान, जमीन, जायदाद देकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबुर है। कहा कि विस्थापित क्या अन्याय किया कि असमय विस्थापितों का फसलों को डुबोया जा रहा है। विस्थापितों को न ही घर , नौकरी, समुचित मुआवजा और न ही सम्पूर्ण पुनर्वास का लाभ मिला है। नेताओं ने कहा कि सरकार और विभाग को अवगत कराया जा रहा है कि डैम का गेट अविलंब खोल कर जलस्तर घटाया जाय , अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।


