चांडिल में आदिवासी समुदाय ने कुड़मी समाज की एसटी सूची में शामिल होने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया
चांडिल। कुड़मी जाति को एसटी सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में आज चांडिल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष आदिवासी समुदाय ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। ‘एक तीर, एक निशान, आदिवासी एक सामान’ के नारों के साथ हजारों आदिवासी लोग अपनी मांग और अधिकारों की आवाज बुलंद करने पहुंचे।


धरना-प्रदर्शन से पहले रैली का आयोजन किया गया, जिसमें लोग पारंपरिक हथियार, ढोल-नगाड़े लेकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। आदिवासी सामाजिक संगठनों के बैनर तले यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ की गई।
आदिवासी समुदाय ने एक सुर में कहा कि किसी भी स्थिति में कुड़मियों को एसटी सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र से हजारों लोग मौजूद थे और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई थी।
इस मौके पर ईचागढ़ जिला पार्षद ज्योतिलाल मांझी, सुधीर किस्कू, रविंद्र सिंह सरदार और प्रबोध उरांव समेत कई आदिवासी नेता शामिल हुए। इस कार्यक्रम ने झारखंड के आदिवासी समाज की अपनी हक और अधिकार के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ, लेकिन प्रशासन और समुदाय के बीच संवेदनशील संवाद की आवश्यकता बनी हुई है।

