चांडिल प्रखंड: क्रशर बंद होने से भड़के मजदूर, स्थानीय निवासी के घर का घेराव कर प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम
सरायकेला-खरसावां। चांडिल प्रखंड में खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्रवाई के बाद चार क्रशर इकाइयों के बंद होने से सैकड़ों दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रोजगार छिनने से आक्रोशित मजदूरों ने शहरबेड़ा में एक स्थानीय निवासी के घर का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।


चिलगु और आसनबनी पंचायत से बड़ी संख्या में पहुंचे मजदूरों का आरोप है कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई से पत्थर खदानें और क्रशर बंद हुए, जिससे उनका रोजगार समाप्त हो गया। मजदूरों का कहना है कि वे रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं और काम बंद होने से उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की मांग की। चेतावनी दी कि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चांडिल पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर भीड़ को शांत कराया। पुलिस की तत्परता से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। मामले पर अब तक किसी अधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

