डांडू गांव में कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबकर मां-बेटे की मौत – एक ही परिवार के 10 लोग घायल, सात की हालत गंभीर
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड के डांडू गांव में शुक्रवार की शाम भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। मिट्टी से बना एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय घर के अंदर परिवार के 10 लोग मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। अचानक हुए इस हादसे से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी।


ग्रामीणों ने मशक्कत कर सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सात घायलों की गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि तीन का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। राजनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी मलय कुमार, झामुमो के केंद्रीय सदस्य बिसु हेंब्रम और गोविंदपुर पंचायत के मुखिया सोनराम टुडू ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से गांव के कच्चे मकान कमजोर हो चुके हैं। डांडू गांव का मकान भी बारिश का दबाव नहीं झेल पाया और भरभराकर गिर गया। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो और भी कच्चे मकान ढह सकते हैं।
इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में अरविंद लोहार (7 साल) और उसकी मां शांति लोहार (27 साल) की मौत हो गई है। बताया गया कि शांति अपने बच्चों को लेकर खोखरो गांव से अपने मामा घर आई थी। एमजीएम अस्पताल में मां-बेटे को मृत घोषित कर दिया गया, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है।
डांडू गांव की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बारिश लोगों के लिए आफत बनकर बरस रही है।

