“दबिस्तान-ए-जमशेदपुर” ने आयोजित की शे’री निशस्त।
याद किए गए मशहूर शायर ताहिर फ़राज़।


जमशेदपुर, 9 फरवरी, 2026
लौह नगरी जमशेदपुर की साहित्यिक संस्था “दबिस्तान-ए-जमशेदपुर” ने जवाहर नगर, जमशेदपुर स्थित अपने कार्यालय में एक शेरी निशस्त (काव्य गोष्ठी) का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता मशहूर शायर गौहर अज़ीज़ ने की। पवित्र कुरान की तिलावत के बाद, भारत के मशहूर और प्रसिद्ध शायर ताहिर फ़राज़ को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए गौहर अज़ीज़ ने कहा कि ताहिर फ़राज़ के गुज़र जाने से उर्दू दुनिया को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। वे दबिस्ताने रामपुर के एक प्रतिनिधि शायर थे। वे विनम्रता, गंभीरता और गहरी भावनाओं के शायर थे। ताहिर फ़राज़ अपने समकालीन शायरों में एक खास पहचान रखते थे। वे अब दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्हें युगों-युगों तक याद किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत शायर वलीउल्लाह वली के नातिया कलाम से हुई। इसके बाद सभी शायरों ने बारी-बारी से अपनी ग़ज़लें पेश कीं। इस निशस्त में जिन शायरों ने अपनी गजलें पेश कीं, उनमें गौहर अज़ीज़, सद्दाम ग़नी, फरहान खान फरहान, सकलैन मुश्ताक, शोएब अख्तर, सफदर हारून, सैफ अली सैफ, वलीउल्लाह वली, हसरत निज़ामी, शिरीं शफ़क, आयशा फिरदौस और शहला तरन्नम के नाम प्रमुख हैं। कल संध्या आयोजित इस शेरी महफिल में नौजवान शायरों ने समसामयिक तथा नई पीढ़ी के विचारों को प्रतिबिंबित करती हुई रचनाएँ प्रस्तुत कीं। संचालन की ज़िम्मेवारी फरहान खान ने निभाई और सद्दाम गनी ने शुक्रिया अदा किया। प्रोग्राम का अंत सामूहिक दुआ के साथ हुआ।

