दीपिका पांडेय सिंह ने सचिव के. श्रीनिवासन को दिए 7.2 अंक, नकारात्मक टिप्पणी से बढ़ी चर्चा
झारखंड की प्रशासनिक हलचल के बीच एक बड़ा मामला चर्चा में है। ग्रामीण विकास और ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व सचिव के. श्रीनिवासन का हाल ही में तबादला कर उन्हें ऊर्जा विभाग का सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी और झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।


हालांकि यह जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन उनके स्थानांतरण के पीछे की वजह अब सुर्खियों में है। सूत्रों के अनुसार विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की नाराजगी इस फैसले का प्रमुख कारण बताई जा रही है।
दरअसल, सचिवों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन यानी सीआर में मंत्री भी मूल्यांकन दर्ज करते हैं। आम तौर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को 9 या उससे अधिक अंक दिए जाते हैं, लेकिन मंत्री ने श्रीनिवासन को 10 में से 7.2 अंक दिए। इससे भी ज्यादा चर्चा उनकी टिप्पणी को लेकर है, जिसमें नेतृत्व क्षमता की कमी, संवाद कौशल में कमजोरी और नवाचार के अभाव जैसी बातें दर्ज की गई हैं।
बताया जा रहा है कि टिप्पणी में यह भी उल्लेख है कि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उनके कार्यशैली से संतुष्ट नहीं थे। इस मूल्यांकन के बाद सत्ता और नौकरशाही के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

