LatestNewsNews postझारखण्ड

“दोहरे लाभ के विरुद्ध सड़कों पर उतरी निशा भगत, मुंडन कर कराया विरोध”

रांची, गुरुवार। राजधानी में गुरुवार को आदिवासी राजनीति एक बार फिर गर्मा गई, जब आदिवासी नेत्री निशा भगत ने धर्मांतरण और “दोहरे लाभ” के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए मुंडन कराकर प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम लोकभवन के समीप आयोजित किया गया, जहां उन्होंने ईसाई आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची से डीलिस्टिंग करने की मांग प्रमुखता से उठाई।

 

निशा भगत ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और पहचान निरंतर क्षीण हो रही है। उनके अनुसार, धर्मांतरण के बाद भी अनेक लोग एसटी के लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे मूल आदिवासी समुदाय के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ “दोहरे तरीके” से उठाए जा रहे हैं।

 

नेत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम परिवार आदिवासी बेटियों से विवाह कर मायके से जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं तथा आदिवासी समुदाय के लिए निर्धारित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसे उन्होंने व्यवस्था की गंभीर खामी बताया।

निशा भगत ने सरना संस्कृति की रक्षा, धर्मांतरित आदिवासियों की डीलिस्टिंग, और सर्ना कोड लागू करने की मांग को मजबूती से दोहराया। आंदोलन स्थल पर उपस्थित समर्थकों ने भी आदिवासी पहचान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता प्रदर्शित की।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *