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एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में सरहुल उत्सव का भव्य आयोजन

जमशेदपुर, 18 मार्च

एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बुधवार को झारखंड के प्रमुख आदिवासी पर्व सरहुल का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, प्रकृति के प्रति आस्था और सामूहिक जीवन मूल्यों से परिचित कराना था। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ सरना पूजा से हुई। इस दौरान प्रकृति, विशेषकर साल वृक्ष की पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण और जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। सरहुल पर्व को आदिवासी समाज में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

समारोह में संस्थान के चेयरमैन विवेक कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि राम केवल सिंह तथा निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनके साथ संस्थान के शिक्षकगण और अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटक और भक्ति प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्र-छात्राओं ने सरहुल के लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

वहीं, विद्यार्थियों ने नाटक के जरिए आदिवासी जीवन शैली, प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया।

भक्ति कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने प्रकृति पूजा और सरहुल पर्व की आध्यात्मिक महत्ता को गीतों और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों से कार्यक्रम का वातावरण भावपूर्ण और आध्यात्मिक बन गया।

इस मौके पर चेयरमैन विवेक कुमार सिंह ने कहा कि सरहुल पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह ने कहा that ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी बल दिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सभी ने सराहना की। अंत में बेहतर प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

इस तरह एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का सरहुल उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सामूहिक जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बना।

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