एनआईटी जमशेदपुर की टीम रोबोऑट ने आपदा प्रबंधन के लिए जीवनरक्षक ड्रोन विकसित कर NIDAR फाइनल्स में बनाई
जमशेदपुर, जनवरी 2026:


राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के आधिकारिक रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन क्लब टीम रोबोऑट ने ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) द्वारा आयोजित देश की प्रतिष्ठित ड्रोन प्रतियोगिता NIDAR के फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई कर संस्थान और झारखंड राज्य का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता 10 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित हुई, जिसका फाइनल राउंड गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, दिल्ली में संपन्न हुआ।
NIDAR एक राष्ट्रीय स्तर की चुनौती है, जो आपदा प्रबंधन, निगरानी एवं मानवीय सहायता के लिए ड्रोन-आधारित नवाचारों पर केंद्रित है। इसमें देश भर के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के लिए टीम रोबोऑट ने आपदा की परिस्थितियों में मानव जीवन बचाने के उद्देश्य से दो मिशन-विशिष्ट ड्रोन डिज़ाइन और विकसित किए।
पहला ड्रोन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हवाई निगरानी और डेटा संग्रह के माध्यम से स्थिति का त्वरित आकलन करने में सक्षम है, जबकि दूसरा ड्रोन राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान आवश्यक जीवनरक्षक सामग्री और सर्वाइवल किट को सटीक रूप से गिराने की क्षमता रखता है। इन ड्रोन को उच्च गुणवत्ता निर्माण, परिचालन विश्वसनीयता और वास्तविक परिस्थितियों में उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
टीम के अनुसार, यह तकनीक आपदाओं के समय जीवनरक्षक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे पीड़ितों की त्वरित पहचान, क्षेत्रीय स्थिति का आकलन और दुर्गम स्थानों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना संभव हो सकेगा। कई मूल्यांकन चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद टीम फाइनल स्टेज तक पहुंची, जहां उसने देश की सर्वश्रेष्ठ ड्रोन टीमों के बीच अपने तकनीकी कौशल और मिशन-उन्मुख इंजीनियरिंग का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
यह उपलब्धि प्रो. गौतम सुतरधर (निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर), प्रो. सतीश कुमार (डीन – रिसर्च एंड कंसल्टेंसी), डॉ. पी. कुमार (विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) तथा डॉ. वी. के. डल्ला (फैकल्टी-इन-चार्ज, टीम रोबोऑट) के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से संभव हो सकी।
टीम को बधाई देते हुए निदेशक प्रो. गौतम सुतरधर ने कहा कि टीम रोबोऑट द्वारा विकसित ड्रोन तकनीक आपदाओं के दौरान जीवन बचाने की अपार संभावनाएं रखती है और यह छात्रों को नवाचार एवं शोध-आधारित इंजीनियरिंग के लिए प्रेरित करेगी।
इस सफलता के पीछे टीम सदस्यों सुप्रीत, सौविक, पल्लव, अक्षत, मयंक, शुभम और पुष्कर की कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। एनआईटी जमशेदपुर के फैकल्टी सदस्यों और छात्रों ने टीम की इस उपलब्धि की सराहना की। NIDAR में यह सफलता एनआईटी जमशेदपुर की ड्रोन प्रौद्योगिकी और आपदा-प्रतिक्रिया नवाचार में बढ़ती पहचान को रेखांकित करती है।

