एसबीआई क्रेडिट कार्ड मामले में उपभोक्ता को न्याय, 2,17,793 रुपये की क्षतिपूर्ति के साथ प्रकरण निष्पादित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने सीआरपीएफ के सेकंड इन कमांड सच्चिदानंद मिश्रा को बड़ी राहत दी है। आयोग ने एसबीआई कार्ड, एसबीआई क्रेडिट कार्ड और एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया है।


मामले के अनुसार, सच्चिदानंद मिश्रा ने वर्ष 2010 में एसबीआई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें कभी कार्ड प्राप्त नहीं हुआ।
इसके बावजूद उनके पास लगातार बकाया भुगतान से संबंधित कॉल और बिल आते रहे। बाद में जब उन्होंने अपनी सिबिल रिपोर्ट जांची तो करीब 5,000 रुपये बकाया दिखाया गया, जिससे उनका क्रेडिट स्कोर घटकर 558 हो गया।
शिकायतकर्ता ने ई-मेल के माध्यम से एसबीआई कार्ड से संपर्क किया और बैंकिंग लोकपाल के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद एसबीआई कार्ड द्वारा खाता बंद कर राशि को राइट-ऑफ दिखा दिया गया और सिबिल में नकारात्मक प्रविष्टि दर्ज कर दी गई। इससे शिकायतकर्ता को गृह ऋण पर अधिक ब्याज देना पड़ा और वाहन ऋण भी प्रभावित हुआ।
बिना लिखित सहमति के बीमा पॉलिसी सक्रिय करने का आरोप भी सामने आया।
इसके बाद सच्चिदानंद मिश्रा ने अधिवक्ता राजाराम गुप्ता के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में मामला दायर किया। सुनवाई के दौरान एसबीआई चाईबासा शाखा ने स्वयं को विवाद से अलग बताया, जबकि अन्य पक्ष अनुपस्थित रहे। आयोग ने दस्तावेजों के आधार पर माना कि कार्ड जारी किए बिना शुल्क और ब्याज लगाया गया, जो स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है।
आयोग ने एसबीआई कार्ड और एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज को 1,50,000 रुपये क्षतिपूर्ति, 25,000 रुपये मानसिक पीड़ा और 25,000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान का आदेश दिया। बाद में कुल 2,17,793 रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया, जिसके बाद आयोग ने मामले का निस्तारण कर दिया।
अधिवक्ता राजाराम गुप्ता ने कहा कि यह फैसला क्रेडिट कार्ड से जुड़ी समस्याओं से परेशान उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है।

