फार्मेसी काउंसिल में झारखंडी प्रतिनिधित्व की मांग तेज, JLKM करेगा धरना प्रदर्शन
झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में गैर-झारखंडी और गैर-सरकारी पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ‘झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा’ (JLKM) ने बुधवार को रांची के बरियातू स्थित फार्मेसी काउंसिल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।


इस संबंध में JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने आज एक सामूहिक प्रेस वार्ता में कहा कि संगठन लंबे समय से काउंसिल में नियम संगत तरीके से झारखंडी लोगों को मनोनीत करने की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर विभागीय अवर सचिव से औपचारिक मुलाकात कर विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, लेकिन इसके बावजूद सरकार की उदासीनता बनी हुई है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बढ़ रही इस अनियमितता से न सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि फार्मेसी छात्रों के शिक्षण संचालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार के धरना-प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली गई है और इसकी सूचना संबंधित विभागों व प्रशासन को पहले ही दे दी गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड के स्थानीय योग्य लोगों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों की नियुक्ति, न केवल राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह स्थानीय हितों की सीधी अवहेलना भी है।
गौरतलब है कि वर्तमान निबंधक सह सचिव का कार्यकाल 13 अप्रैल 2025 को ही समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद कोई स्पष्ट दिशा या कार्रवाई नहीं की गई है।
JLKM ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं सुना गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

