गोइलकेरा के सायतवा में सीआरपीएफ 60 बटालियन द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन, स्वास्थ्य जांच
गोइलकेरा: सोमवार को श्री अंबुज मुथाल कमांडेंट 60 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के निर्देशन में एफ/60 समवाय, सायतवा द्वारा ग्राम सायतवा, थाना गोइलकेरा, जिला पश्चिमी सिंहभूम के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नागरिक कल्याण कार्यक्रम (सिविल एक्शन प्रोग्राम) के अंतर्गत सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम श्री अंबुज मुथाल कमांडेंट 60 बटालियन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार, श्री पवन कुमार द्वितीय कमान अधिकारी 60 बटालियन एवं श्री चंडी चरण झा, उप कमांडेंट एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक कुमार कमांडेंट के उपस्थिति में सम्पन्न किया गया.


इस कार्यक्रम में ग्राम सायतवा के मुंडा जोनको कायम तथा
अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे.
कार्यक्रम में ग्राम सायतवा, नगड़ी के विभिन्न टोला जैसे बांग्ला टोला, गिरजा टोला बासासाई, बंदा टोला, माछू टोला, पंडा सुकआ, लागुरी साई, कुण्डल टोला, स्कूल टोला, मुंडा साई, जामुदा साई, तथा असेल डिपो के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस कार्यक्रम में सभी ग्रामीणों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई. इस अवसर पर बच्चों को स्कूल बैग, खेलकूद की सामग्री बॉलीबॉल, फुटबॉल, ग्रामीणों को पानी का सिंटेक्स, बुजुर्गों के लिए कंबल मच्छरदानी, महिलाओं के लिए साड़ियों और कृषि विभिन्न उपयोगी सामग्री जैसे खेती के लिए बीजों, गैती, बेलचा, खुरपी, फावड़ा, हाशिया, सोलर लैंप, वर्तनों का वितरण किया गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ. चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार और डॉ दीपक कुमार ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच किया और दवाईयों का भी वितरण किया. जिससे स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त हुआ.
इस नागरिक कल्याण कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सुदूरवर्ती एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों की दैनिक मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना बच्चों को शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करना तथा सीआरपीएफ एवं स्थानीय ग्रामीण के बीच वापसी समन्वय सर्दभाव को और सुदृढ़ करना है.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी श्री साकेत कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक झारखंड सेक्टर एवं श्री विनोद कार्तिक पुलिस महानिरीक्षक, चाईबासा के निर्देशानुसार श्री अंबुज मुथाल कमांडेंट 60 बटालियन के द्वारा ग्रामीणों से अपील कर बताया गया कि किसी भी गांव एवं क्षेत्र का विकास शांति एवं सुरक्षित माहौल में ही संभव है. इसलिए जो भी आमजन रास्ता भटक गए हैं एवं नक्सल गतिविधियों में शामिल है, उन्हें राज्य सरकार की आत्म समर्पण नीति की लाभ की विषय में अवगत कराया जाए ताकि उन्हें मुख्य धारा से जुड़ने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे कि समाज में विकास की बयार बहा सके. आत्मसमर्पण एवं मुख्यधारा से जुड़ने के लिए अपने किसी भी नजदीकी थाना एवं सीआरपीएफ कैंप से संपर्क कर सकते हैं. 60 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सदैव आम जानकी सुरक्षा सेवा और सहायता के लिए तत्पर है. इस प्रकार के कार्यक्रम को आगे भी नियंत्रित किया जाता रहेगा. ग्रामीणों ने जनकल्याणकारी पहल के लिए सीआरपीएफ का आभार व्यक्त किया.

