Newsझारखण्डसरायकेला

हेमंत कैबिनेट से पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने पर खरसावां में उत्साह का माहौल, विधायक दशरथ गागराई रहे मौजूद 

 

विगत दिनों हेमंत कैबिनेट द्वारा पेसा नियमावली को मंजूरी प्रदान किये जाने के बाद खरसावां खेरसे मुण्डा चौक में जश्न मनाया गया. आदिवासी संगठन के द्वारा एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी. वहीं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया. इस दौरान विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि 1996 में संसद से पारित पेसा कानून में जो प्रावधान है, वह अब धरातल पर उतरेगा. उन्होंने बताया कि बहुत लंबे इंतजार के बाद पेसा नियमावली, राज्य में लागू हुई है और अब कागज में जो संवैधानिक अधिकार आदिवासी समाज के थे, वह अब जमीन पर उतरेगा. विधायक श्री गागराई ने कहा कि पेसा कानून दो पेज का कानून है लेकिन वह किस प्रक्रिया के तहत राज्य में जमीन पर उतारा जाएगा? यह इस नियमावली से ही तय होगा. यह आदिवासियों के लिए खुशी का पल है और यह हम सब झारखंड के आदिवासियों के लिए खुशी का दिन है. अब ग्राम सभा को अधिकार मिलेगा तथा कानून का राज होगा.

बता दें कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों को ग्राम सभाओं के जरिए शासन से सशक्त बनाने के लिए झारखंड समेत देश के 10 राज्यों के लिए पेसा (Panchayats Extension to Scheduled Areas) कानून 24 दिसंबर 1996 को लागू किया गया था. इन दस राज्यों में झारखंड और ओडिशा को छोड़कर शेष आठ राज्य तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश ने अपने-अपने राज्य में इसे लागू कर दिया था. दरअसल झारखंड सरकार पर लगातार केंद्र सरकार और झारखंड हाईकोर्ट की ओर से पेसा कानून को लागू करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. आखिरकार लंबे इंतजार के बाद राज्य के 15 अनुसूचित जिलों में स्थानीय शासन की दिशा में हेमंत सरकार ने पेसा नियमावली पर मुहर लगाकर बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है. मौके पर कालीचरण बानरा, अजय सामड, मनोज सोय, छोटराय किस्कू, मंगल सिंह जामुदा, समाजसेवी बासंती गागराई,नागेन सोय, अरविंद सोय, कलिया जामुदा, शिवा देवगम, संजू सोय, मंगल सिजूई, बबलू सोय, मंगल हांसदा समेत काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे.

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *