हेमंत सरकार के खिलाफ भाजपा का धरना, नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराने की मांग
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार नगर निकाय चुनाव टालकर शहरी जनता के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। उनका कहना है कि पिछले लंबे समय से नगर निकाय चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में जनता का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है और प्रशासन पूरी तरह अफसरशाही के भरोसे चल रहा है।


भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। सफाई व्यवस्था, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर शहरी जनता परेशान है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना के अनुसार जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करा रही है। भाजपा ने मांग की कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम के माध्यम से शीघ्र कराए जाएं, ताकि शहरी जनता को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और चुनाव कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात भी कही। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द नगर निकाय चुनाव की घोषणा नहीं करती है, तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेगी।
वहीं, धरना-प्रदर्शन को देखते हुए नगर निगम कार्यालय के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

फिलहाल, भाजपा के इस धरना-प्रदर्शन के बाद एक बार फिर झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।

