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हरि नाम की धुन से गूंजा किशुनडीह, जागरण रात्रि और नगर कीर्तन में उमड़ा अपार श्रद्धा का सागर  

 

ईचागढ़ : कुकड़ू, 14 मार्च : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत पारगामा पंचायत के किशुनडीह गांव में आयोजित तीन दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन शनिवार को भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हो गया। पूरे आयोजन के दौरान गांव में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

इससे पूर्व शुक्रवार की रात जागरण रात्रि में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत मधुर हरिनाम संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु पूरी रात भावविभोर होकर हरिनाम का श्रवण करते रहे और भक्ति में लीन होकर प्रभु का स्मरण करते रहे।

शनिवार को पारंपरिक नगर कीर्तन (धुलट) के साथ संकीर्तन का समापन हुआ। नगर कीर्तन में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हरिनाम की धुन और जयकारों के साथ गांव की गलियां भक्तिमय माहौल से गूंज उठीं। नगर कीर्तन के उपरांत वैदिक विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति दी गई तथा भगवान राधा-कृष्ण को श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किया गया।

गौरतलब है कि किशुनडीह गांव में यह धार्मिक परंपरा पिछले सात दशकों से निरंतर चली आ रही है। प्रतिवर्ष फाल्गुन मास की 27, 28 और 29 तारीख को अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है।

बसंत ऋतु के आगमन के साथ चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कई गांवों में भी भक्ति और परंपरा की इसी धारा के तहत धूमधाम से अखंड हरिनाम संकीर्तन आयोजित किए जाते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठता है।

महिला संकीर्तन मंडलियों की बढ़ रही मांग

परंपरागत रूप से हरि मंदिरों में अखंड हरिनाम संकीर्तन का संचालन पुरुष मंडलियों द्वारा किया जाता रहा है। किंतु बदलते समय के साथ अब संकीर्तन आयोजनों में महिला संकीर्तन मंडलियों की भागीदारी और मांग भी लगातार बढ़ रही है, जो धार्मिक आयोजनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रही है।

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