इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में रेल सिविल डिफेंस द्वारा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
जमशेदपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): रेल सिविल डिफेंस, टाटानगर द्वारा इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में आपदा की स्थिति में लोको पायलट के कर्तव्यों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।


इस कार्यक्रम में रेलवे भर्ती बोर्ड से नव नियुक्त सहायक लोको पायलट तथा रिफ्रेशर कोर्स कर रहे लोको पायलटों को ट्रेन के इंजन और कोच में आग लगने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने ट्रेन में आग लगने के प्रमुख कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यात्रियों द्वारा ज्वलनशील पदार्थ जैसे गैस सिलेंडर, केरोसिन, पेट्रोल, पटाखा आदि लेकर यात्रा करना, बीड़ी-सिगरेट या माचिस की जली तीलियां लापरवाही से फेंकना, पैंट्री कार में गैस रिसाव, विद्युत उपकरणों का उचित रखरखाव नहीं होना, शॉर्ट सर्किट, खुले तार या असुरक्षित जॉइंट, ट्रेक्शन यूनिट और लोकोमोटिव में तकनीकी खराबी आग लगने के प्रमुख कारण हैं।
इंजन में आग लगने के कारणों में उपकरणों का खराब मेंटेनेंस, सेफ्टी उपकरणों की कमी और इलेक्ट्रिक केबल की अव्यवस्था को भी उन्होंने जिम्मेदार बताया।
आग लगने की स्थिति में लोको पायलट को ट्रेन को उचित स्थान पर रोककर फ्लैशर लाइट जलाने, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, स्टेशन मास्टर को सूचना देने तथा प्रभावित कोच को अन्य कोचों से कम से कम 45 मीटर की दूरी पर अलग करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने और ट्रेन को रोल होने से बचाने के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम में इंजन, ब्रेक वैन, एसी कोच, पैंट्री कार और जनरेटर कार में उपलब्ध अग्निशामक यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। संतोष कुमार ने रूल ऑफ नाइन, ट्राई एज विधि, स्टॉप-ड्रॉप-एंड-रोल, धुएं से भरे इंजन से सुरक्षित निकासी और रेस्क्यू की तकनीक का प्रशिक्षण दिया।
दूसरे सत्र में डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने अग्निशामक यंत्र के उपयोग और सीपीआर की विधि बताई, जबकि डेमोंस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने प्राथमिक उपचार और बैंडेज के नियमों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में रेलवे भर्ती बोर्ड, रांची, कोलकाता और मालदा से चयनित सहायक लोको पायलटों सहित आरआरसी बैच के कुल 430 प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। अंत में लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस द्वारा दिए गए प्रशिक्षण की सराहना की।

