झारखंड में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और बेहतर सेवा शर्तों की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मियों के दिन अब बदलते नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर पर उनके वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी और सेवा शर्तों को बेहतर बनाने पर सहमति बन गई है।


वित्त विभाग के विशेष सचिव अमित कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में मानदेय बढ़ोतरी सहित कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के कर्मियों के मानदेय में चार हजार से लेकर चालीस हजार रुपये प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी संभव है। कंप्यूटर ऑपरेटरों को लगभग 25 हजार, स्किल्ड मजदूरों को 21 हजार, अनस्किल्ड मजदूरों को 19 हजार रुपये मानदेय मिल सकता है। वहीं प्रोग्रामर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसे तकनीकी कर्मियों को 60 हजार से एक लाख रुपये तक मानदेय दिए जाने पर सहमति बनी है। वाहन चालकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों के चयन, ईपीएफ जमा, कमीशन निर्धारण और नियमों को सख्त करने पर भी विचार किया गया। नई व्यवस्था लागू होने से आउटसोर्स कर्मियों को स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन मिलने की उम्मीद बढ़ गई

