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झारखंड में पहली बार पूरी तरह लागू होगी स्मार्ट PDS योजना, जानिए आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

 

 

रांची, 22 जुलाई 2025 — झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी 1 सितंबर 2025 से राज्य के सभी 24 जिलों में स्मार्ट PDS योजना पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। इस योजना के ज़रिए खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और हर लाभुक तक सटीक और समय पर राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

 

क्या है स्मार्ट PDS योजना?

 

स्मार्ट पीडीएस एक टेक्नोलॉजी आधारित प्रणाली है, जिसमें ई-पॉश मशीन के माध्यम से राशन वितरण होगा। लाभुक के अंगूठे या आधार सत्यापन के बाद ही अनाज मिलेगा, और जैसे ही वितरण होता है, उसकी जानकारी केंद्र सरकार को रियल टाइम में मिल जाएगी। इससे अनाज वितरण में हेराफेरी की संभावना खत्म होगी।

 

कहां-कहां हुआ सफल परीक्षण?

 

इस योजना की शुरुआत सबसे पहले फरवरी 2025 में खूंटी जिले से की गई थी। इसके सफल परिणामों के बाद इसे चतरा, गुमला, कोडरमा, लातेहार और सिमडेगा में भी अप्रैल से लागू किया गया। इन छह जिलों के अनुभव को देखते हुए अब इसे पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।

 

पारदर्शिता और निगरानी होगी मजबूत

 

नई व्यवस्था के तहत एफसीआई गोदाम से लेकर पीडीएस दुकानों तक अनाज के परिवहन की हर जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई ई-पॉश मशीनों में खास सॉफ्टवेयर लगाया गया है, जिससे अधिकारियों को यह जानकारी मिलेगी कि किस दुकान पर कब और कितना राशन पहुंचा और बांटा गया।

 

आम लोगों को होंगे ये फायदे:

 

राशन में हेराफेरी पर रोक

 

सही समय पर सही मात्रा में अनाज मिलना तय

 

हर वितरण की जानकारी सरकार के पास तुरंत पहुंचेगी

 

काले बाजार की आशंका खत्म होगी

 

अनाज वितरण में जवाबदेही और निगरानी मजबूत होगी

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