जमशेदपुर में जनवरी के पहले रविवार डहरे टुसु परब, भव्य आयोजन की तैयारियां तेज
जमशेदपुर में जनवरी के पहले रविवार को डिमना से साकची आमबागान मैदान तक भव्य डहरे टुसु परब का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को करम अखाड़ा कमिटी में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता स्वतंत्रता सेनानी शहीद रघुनाथ महतो के वंशज भूपेन हिन्दोयार ने की। समिति ने इस बार के परब को पिछले वर्षों से भी अधिक भव्य और व्यापक रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया।


आयोजन में लाखों लोगों के जुटान की संभावना है, जिससे उत्सव और ऐतिहासिक रूप लेने की उम्मीद है। इस वर्ष के मुख्य आकर्षणों में 13 महीने 13 परब की विशेष झांकी, प्रसिद्ध छौ नृत्य दल की सांस्कृतिक प्रस्तुति, 1000 धोमसा वादकों की विशाल झांकी और 2000 पीली साड़ी में सांस्कृतिक टीम की भागीदारी शामिल है।
समिति ने बताया कि टुसु परब पारंपरिक रूप से नदी-तालाब के किनारे मनाया जाता था, लेकिन इसे सड़क (डहर) पर लाने का उद्देश्य इस सांस्कृतिक विरासत को शहरों में पुनः स्थापित करना और इसे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना है। सभी सांस्कृतिक दलों, स्वयंसेवकों और समुदाय के सदस्यों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया गया। आम जनता से अपील की गई कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस सांस्कृतिक महापर्व को सफल बनाएं।
बैठक में अनेक सक्रिय सदस्य उपस्थित थे, जिनमें असित काडुआर, नेपाल महतो, सुधांशु महतो बनुआर, निर्मल महतो, दिलीप कुमार महतो, मंटू महतो, काकोली महतो, सोयोन महतो, भूपेन महतो, फूलचंद महतो, देवेंद्र महतो और प्रताप महतो शामिल थे।

