जयालक्ष्मी नाट्य कला मन्दिरम जमशेदपुर में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई
जमशेदपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): जयालक्ष्मी नाट्य कला मन्दिरम जमशेदपुर की ओर से आज भालूबासा सेंटर में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन शाम 4.30 बजे किया गया, जिसमें संस्था से जुड़े युवा कलाकारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर सभी कलाकारों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


कार्यक्रम के दौरान संस्था के प्रबंधक ने उपस्थित कलाकारों को संबोधित करते हुए संस्था के निदेशक ए. बाबू राव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सभी कलाकार स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को केवल शब्दों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि अनुशासन, आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव जैसे गुणों को अपनाकर ही समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रबंधक ने यह भी उल्लेख किया कि आज के सवेरे अखबार में कई युवक और युवतियों की तस्वीरें प्रकाशित हुई थीं, जिनमें वे स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श बताते हुए अपने जीवन की उपलब्धियों का उल्लेख कर रहे थे। यह इस बात का प्रमाण है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद न केवल एक महान संन्यासी थे, बल्कि वे एक आदर्श शिष्य, उत्कृष्ट चिंतक और भारतीय दर्शन व संस्कृति के सशक्त प्रचारक भी थे। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों ने सामूहिक रूप से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

