खराब पड़ी छोटा हाथी ऑटो ने खोली वन विभाग की पोल, कार्यशैली पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खराब अवस्था में खड़े एक छोटा हाथी ऑटो पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ी। पास जाकर देखने पर वाहन में बड़ी मात्रा में कच्ची लकड़ियाँ लदी मिलीं। बताया जा रहा है कि लकड़ियाँ बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन की जा रही थीं। वाहन की नंबर प्लेट भी स्पष्ट नहीं थी, जिससे संदेह और गहरा गया है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रात के समय अक्सर संदिग्ध वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन वन विभाग या संबंधित एजेंसियों द्वारा नियमित जांच या गश्त नहीं देखी जाती। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि एक खराब वाहन में इतनी मात्रा में लकड़ी पकड़ी जा सकती है, तो जो वाहन बिना रुके गुजर जाते हैं, उनमें कितनी अवैध लकड़ी की तस्करी हो रही होगी।
यह मार्ग जंगल क्षेत्रों से जुड़ा माना जाता है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि लकड़ियाँ अवैध कटाई कर बाहर ले जाई जा रही थीं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पर्यावरण से जुड़े जानकारों का कहना है कि अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी से न केवल जंगलों को नुकसान पहुँचता है, बल्कि इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग को इस मार्ग से हो रही संभावित तस्करी की जानकारी नहीं थी, या फिर निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर अब सबकी नजर टिकी हुई है।

