कोल्हान भूमि बचाओ समिति की समीक्षा बैठक संपन्न, जमीन मामलों में न्याय में देरी पर चिंता
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): कोल्हान भूमि बचाओ समिति की समीक्षा बैठक बुधवार को मतकमहातु टुंगरी कार्यालय में समिति के उपाध्यक्ष डीबर देवगम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बीते एक वर्ष के दौरान किए गए आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा वर्ष 2026 के लिए नए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।


बैठक को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष डीबर देवगम ने कहा कि आदिवासी जमीनों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह विफल रही है। हर जगह जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया बेहद धीमी है, जिसके कारण लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और विभिन्न स्थानों पर आंदोलन तेज हो रहे हैं।
डीबर देवगम ने कहा कि वह स्वयं भी जमीन लूट के शिकार हैं और उनका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि टुंगरी स्थित उनकी कई एकड़ पैतृक जमीन पर नेवटिया माइंस एंड इंडस्ट्रीज का अवैध कब्जा है। जिला प्रशासन की ढुलमुल रवैया के कारण न्याय मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर न्याय नहीं मिला तो ग्रामसभा के पारंपरिक तरीकों से जमीन वापस लेने की पहल की जाएगी।
समिति के सचिव चाहत देवगम ने आगामी वर्ष के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आंदोलन को और तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीन आदिवासियों की अस्मिता है और इसकी रक्षा करना सभी का दायित्व है।
बैठक में कानूनी सलाहकार सुरेश सोय सहित चाहत देवगम, विजय देवगम, सुरीन देवगम, रेंगो लेयांगी, डाकुवा अर्जुन गोप, रवींद्र पुरती, जुरिया सावैयां, सुखलाल सावैयां, दामोदर हेंब्रम, सीनू गागराई, नरेश देवगम सहित अन्य सदस्य उपस्थित
थे।

