कोल्हान नितिर तुरतुंग एवं सगोम लाइब्रेरी का पांचवां स्थापना दिवस मनाया गया
चक्रधरपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): चक्रधरपुर के टिकरचांपी स्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग अध्ययन केंद्र और सगोम लाइब्रेरी का पांचवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस केंद्र की स्थापना 27 दिसंबर 2020 को हुई थी और इस पांच वर्ष के सफर में समाज के पेशेवर समूह, समाजसेवी और विभिन्न सहयोगियों का योगदान रहा।


कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा और भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर अध्यक्ष माझीराम जामुदा, समाजसेवी सोमनाथ कोया और जगन्नाथ बाहँदा द्वारा पुष्प अर्पित कर की गई।
मुख्य अतिथि बैंक अधिकारी आजाद बोईपाई और विशिष्ट अतिथि सरस्वती कुदादा (JSLPS ट्रेनर), शरद महतो और शेखर कुमार झा कार्यक्रम में मौजूद रहे। अध्यक्ष माझीराम जामुदा ने स्वागत संबोधन में कोल्हान नितिर तुरतुंग के उद्देश्य, सामाजिक कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्था आदिवासी और जरूरतमंद युवाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में निःशुल्क मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए समर्पित है।
विशिष्ट अतिथि शेखर झा ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का उपयोग आवश्यकता अनुसार ही करने की सलाह दी। सरस्वती कुदादा ने महिलाओं और युवतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में इस वर्ष अग्निवीर भर्ती, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, तसर विभाग और होमगार्ड में चयनित कुल 46 अभ्यर्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महासचिव प्रेम सिंह डांगिल, उपाध्यक्ष दया सागर केराई, कार्यालय सचिव हेमंत सामड, संस्थापक सदस्य सत्यजीत हेमब्रोम, रबिन्द्र गिलुवा, रवि हेमब्रोम, मोनिका बोईपाई, लक्ष्मी बांकिरा, अमर डोंगो, मंजिल बनरा, शिक्षक गौतम गागराई, राज किशोर पुरती, जीतू बोदरा, लखन बोदरा, सीनी गागराई, विष्णु सामंत, मधु डांगिल, मुक्ता हेमब्रोम सहित छात्र-छात्राएं और शुभचिंतक उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम संस्था की पांच वर्षों की यात्रा का उत्सव होने के साथ-साथ युवाओं में शिक्षा और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करने का संदेश देने वाला रहा।

