कुष्ठ रोग खोज अभियान की समीक्षा को लेकर डुमरिया सीएचसी का निरीक्षण
सीएलटीआरआई चेन्नई के सीएमओ डॉ. होस्सानान ने दिए अहम निर्देश


राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में चलाए गए कुष्ठ रोग खोज अभियान के मूल्यांकन एवं अनुश्रवण को लेकर सेंट्रल लेप्रोसी ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीएलटीआरआई), चेन्नई के चीफ मेडिकल अफसर डॉ. होस्सानान ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डुमरिया का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो भी उपस्थित रहे।
डुमरिया सीएचसी पहुंचने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पाराव माझी, डॉ. सुजीत झा एवं डॉ. विनय भूषण तिवारी ने दोनों अधिकारियों का स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में डॉ. होस्सानान ने कुष्ठ रोग खोज अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की और एमपीडब्ल्यू सुकराम महाली से पेशेंट कार्ड, ट्रीटमेंट कार्ड, सेंसरी टेस्टिंग, बीएमटी, डब्ल्यूएचओ ग्रेडिंग डिसेबिलिटी, पीईपी-एसडीआर एवं सिंगल डोज रिफाम्पीसिन के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर डॉ. होस्सानान ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सहिया प्रतिमाह कम से कम एक संदिग्ध कुष्ठ मरीज को अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना सुनिश्चित करें, ताकि समय रहते रोग की पहचान और उपचार संभव हो सके।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने दिव्यांगता रोकथाम, चिकित्सीय पुनर्वास एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और इलाज से दिव्यांगता से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की एमडीटी दवा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है।
निरीक्षण के क्रम में डॉ. होस्सानान ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकुलछांदा, ओल्ड एज होम तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बांकीसोल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एएनएम एवं जीएनएम को कुष्ठ मरीजों में होने वाले रिएक्शन के प्रबंधन, सेल्फ केयर तथा सेकेंडरी लेवल रिफरल सेंटर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पाराव माझी, डॉ. सुजीत झा, डॉ. विनय भूषण तिवारी, जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, एमपीडब्ल्यू सुकराम महाली, सहिया सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरिया के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

