मागे पर्व से पूर्व पूजा स्थलों की साफ-सफाई पर दिया गया जोर
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): सदर प्रखंड अंतर्गत मतकमहातु गांव में आगामी 27 फरवरी को मनाए जाने वाले मागे पर्व को लेकर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पर्व से पूर्व देशाउली और दिउरी के पूजा स्थलों की साफ-सफाई करने पर विशेष जोर दिया गया।


बैठक में देशाउली फाउंडेशन के संस्थापक साधु हो बानरा ने कहा कि देशाउली-जयरा स्थल हो समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थलों की साफ-सफाई केवल विशेष त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों की श्रद्धा और गरिमा बनाए रखने के लिए समय-समय पर उनकी देखरेख और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
साधु हो बानरा ने ग्रामीणों से अपील की कि पूजा स्थलों के साथ-साथ पूरे ग्रामीण क्षेत्र को स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पैकेट, पानी की बोतल, कांच की बोतल जैसी वस्तुओं का उपयोग करने के बाद उनका उचित निपटान किया जाए और इन्हें इधर-उधर न फेंका जाए।
बैठक के बाद उपस्थित लोगों ने देशाउली पूजा स्थल का निरीक्षण किया और उसी दिन स्थल का गूगल मैप में पंजीकरण भी कराया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण मुंडा धनुर्जय देवगम, दिउरी चंद्र मोहन देवगम और कमारहातु ग्रामीण मुंडा बिरसा देवगम ने की।
इस अवसर पर नारायण देवगम, गोपाल देवगम, धर्मराज देवगम, दीनबंधु देवगम, सोनाराम देवगम, सोमय देवगम, सुरजा देवगम, चाहत देवगम, पप्पू देवगम मौजूद थे। वहीं देशाउली फाउंडेशन की ओर से कृष्णा देवगम, रामदेव बोयपाई, बोयो गागराई सहित अन्य बुद्धिजीवी वर्ग के ग्रामीणों की भी उपस्थिति रही।

