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मैया सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने पर महिलाओं का पैदल मार्च, मंत्री को सौंपा ज्ञापन

 

 

चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मैया सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने से नाराज झींकपानी प्रखंड की चोया, नवागांव सहित के पंचायत की महिलाओं ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर विरोध जताया। झींकपानी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से करीब 200 से 250 महिलाएं लगभग 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चाईबासा पहुंचीं। इस पैदल मार्च का नेतृत्व चोया पंचायत की मुखिया जयंती बुडीउली ने किया। मार्च में कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को भी साथ लेकर शामिल हुईं।

 

पैदल मार्च के बाद महिलाएं चाईबासा सदर विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के आवास पहुंचीं। मंत्री के अनुपस्थित रहने पर महिलाओं ने उनके आप्त सचिव सुभाष बनर्जी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार, सदर चाईबासा तथा मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार भी मौके पर मौजूद थे। मौके पर इस यात्रा में समाजसेवी रमेश बालमुचू भी उपस्थित थे।

महिलाओं ने बताया कि मैया सम्मान योजना का पोर्टल लंबे समय से बंद है, जिसके कारण वे आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही हैं। कई महिलाएं पिछले दो वर्षों से लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि कुछ लाभुकों को योजना का लाभ दिया जा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी वंचित हैं। इससे उनमें उपेक्षा और भेदभाव की भावना पैदा हो रही है।

 

महिलाओं ने यह भी बताया कि उन्होंने ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों में भी आवेदन दिया, लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला। इसी नाराजगी के चलते महिलाओं ने सामूहिक रूप से पैदल मार्च कर मंत्री आवास पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं।

 

ज्ञापन में महिलाओं ने कहा कि मैया सम्मान योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की एक महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से कई पात्र महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। पोर्टल बंद होने से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे गरीब और जरूरतमंद महिलाएं लाभ से वंचित हो रही हैं।

 

महिलाओं ने मांग की कि वंचित सभी पात्र महिलाओं का तत्काल पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए, तकनीकी कारणों से हटाए गए नामों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और पंजीकरण प्रक्रिया शीघ्र दोबारा शुरू की जाए।

 

महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे हर महीने मंत्री आवास पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराती रहेंगी।

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