मंदिरों के पवित्र फूलों से निर्मित हर्बल गुलाल के माध्यम से FTS युवा जमशेदपुर की पर्यावरण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण की पहल
जमशेदपुर: Friends of Tribals Society (FTS) के युवा प्रकोष्ठ FTS युवा जमशेदपुर ने सार्थी NGO के सहयोग से मंदिरों में अर्पित पवित्र फूलों से 100% प्राकृतिक हर्बल गुलाल बनाने और उसके प्रचार-प्रसार की एक अनूठी एवं प्रेरणादायक पहल की है।


मंदिरों में श्रद्धा से अर्पित फूलों को सम्मानपूर्वक एकत्रित कर उन्हें साफ किया जाता है, प्राकृतिक रूप से सुखाया जाता है और बिना किसी रासायनिक पदार्थ के सुरक्षित तरीके से हर्बल गुलाल में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया से एक ओर नदियों में फूलों के विसर्जन से होने वाले जल प्रदूषण को रोका जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन पवित्र फूलों की गरिमा को बनाए रखते हुए उन्हें समाज के लिए उपयोगी रूप में पुनः समर्पित किया जा रहा है।
यह पहल महिलाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान कर रही है, जहाँ वे गुलाल के निर्माण, पैकेजिंग और विपणन में सक्रिय रूप से भाग लेकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।
इस अवसर पर श्री राजेश मित्तल जी ने Friends of Tribals Society के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण एवं वनवासी समाज के शिक्षा, सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के कार्यों की जानकारी दी। श्री सुनील बागरोडिया जी ने एकल विद्यालय की कार्यप्रणाली और उसके माध्यम से दूरस्थ गांवों में संस्कारयुक्त शिक्षा के प्रभाव को बताया।
सार्थी NGO की संस्थापक पूजा अग्रवाल जी ने बताया कि उनका संगठन कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण तथा स्वदेशी और संस्कारी मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने FTS युवा के साथ इस संयुक्त पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
FTS युवा की अध्यक्ष रश्मि गर्ग ने कहा कि FTS युवा गांव और शहर के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रहा है, जो युवाओं को संस्कार, संस्कृति, स्वदेशी और समाजसेवा से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। कोषाध्यक्ष निधि मित्तल ने वनयात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जमीनी स्तर से जुड़ने की आवश्यकता बताई।
FTS किड्स, अद्विका काबरा और काश्वी गर्ग ने भी हर्बल गुलाल बनाने और उसके प्रचार के अपने अनुभव साझा किए, जो नई पीढ़ी की पर्यावरण और समाज के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
यह पहल FTS युवा जमशेदपुर की पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो होली को प्राकृतिक, सुरक्षित और उद्देश्यपूर्ण तरीके से मनाने का संदेश देती है।
— टीम FTS युवा जमशेदपुर

