महिला कॉलेज चाईबासा में लैंगिक अपराध के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
चाईबासा: महिला कॉलेज चाईबासा में आई.क्यू.ए.सी. एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में लैंगिक अपराध के विरुद्ध जन-जागरूकता को लेकर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रीति बाला सिन्हा ने किया।


अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. सिन्हा ने कहा कि जागरूकता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से ही लैंगिक भेदभाव को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
आई.क्यू.ए.सी. की समन्वयक डॉ. अमृता जायसवाल ने छात्राओं के बीच दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पोक्सो एक्ट, पॉश एक्ट, घरेलू हिंसा अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानूनों की सही जानकारी होने से महिलाएं और बच्चियां स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं।
राजनीति विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक ने छात्राओं को सोच बदलने, मौन तोड़ने और अपने खिलाफ हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है।
कार्यक्रम में अंजू बाला खाखा, डोरिस मिंज, संगीता लकड़ा, डॉ. अमृत जायसवाल, रूप कला, माधुरी खलखो, डॉ. अंजना सिंह, डॉ. मीरा कुमारी, सोनामाई सुंडी एवं डॉ. प्रशांत खरे उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अश्विनी गुप्ता और श्रेया कुमारी ने भाषण के माध्यम से अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में खुशबू रानी पूर्ति ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

