महिला कॉलेज, चाईबासा में सावित्रीबाई फूले और जयपाल सिंह मुंडा को याद किया गया
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ प्रीति बाला सिन्हा ने छात्राओं और शिक्षकों को नववर्ष की शुभकामनाएं और आशीर्वचन दिए। आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक और इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ अमृता जायसवाल ने व्याख्यान दिया कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का मार्ग दिखाया।


उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करते हुए 18 स्कूलों की स्थापना की और शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया।
मंच संचालन डॉ अंजना सिंह ने सावित्रीबाई फुले के जीवन चरित्र और संघर्षों को छात्राओं के सामने रखा। डॉ ललिता सुंडी ने जयपाल सिंह मुंडा के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भारत और झारखंड के आदिवासी आंदोलन के एक सर्वमान्य नेता थे, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद और 1925 में आक्सफोर्ड ब्लू खिताब पाने वाले अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी थे।

कार्यक्रम में स्नातक एवं परास्नातक की सभी छात्राएं उपस्थित रहीं। धन्यवाद ज्ञापन पीजी सेम 2 की छात्रा संजना गोप
ने किया।

