मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को रद्द किए जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध जताया है। झामुमो के प. सिंहभूम जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने इसे गरीब विरोधी और जनविरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की गरीब, आदिवासी, मूलवासी, अल्पसंख्यक और मजदूर विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।


उन्होंने कहा कि मनरेगा वर्ष 2005 से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा की मजबूत नींव रहा है। यह कानून ग्रामीण मजदूरों को मांग पर आधारित काम का कानूनी अधिकार देता है और ग्राम सभा व पंचायतों के माध्यम से विकेंद्रीकृत शासन व्यवस्था को मजबूत करता है। ऐसे में इस महत्वाकांक्षी योजना को समाप्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में 27 दिसंबर 2025 को झामुमो द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में प. सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में झामुमो जिला समिति द्वारा जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना के बाद उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें श्रम विरोधी, गरीब एवं अकुशल ग्रामीण मजदूर विरोधी वीबी-जी रैम (VB-G RAM G) कानून 2025 को विलोपित करने हेतु केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
धरना प्रदर्शन में झामुमो के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, मन्नाराम कुदादा, विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव, कांडे तियु, मो. मोजाहिद, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, सोमवारी बहान्दा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी, चिरिया बुड़ीउली, राजेश पिंगुवा, दुर्गा चरण देवगम, महेंद्र तिरिया, गणेश बोदरा, ताराकांत सिजुई, रिमु बहादुर, गोवर्धन चौरसिया, प्रदीप महतो, गोकुल पोलाई, नितेश माधव करवा, मो. तैहसीन, रौशन कुमार, मनोज लागुरी, देवेंद्र बारी, मंगल सिंह तियु, सुभाष भंज, अभिषेक मिश्रा, पवित्र कुमार भट्टाचार्य, इम्तियाज अहमद, राजू सुंडी, बसंती सुंडी, तुराम बिरुली, शंकर नायक, सुनील लागुरी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
झामुमो ने स्पष्ट किया कि वह केंद्र सरकार के ऐसे जनविरोधी फैसलों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा।

