निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन, चाईबासा शाखा का वार्षिक साधारण बैठक सह वनभोज आयोजित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन, चाईबासा शाखा की वार्षिक साधारण बैठक सह वनभोज आज केराईकेला के वगल में मां कंसरा मंदिर के निकटस्थ मैदान में आयोजित की गई। इस अवसर पर चक्रधरपुर शाखा के सदस्य/सदस्यायें भी आमंत्रित रूप से उपस्थित रहे।


कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे जलपान के साथ हुई, इसके बाद वर्ष 2025 के 22-23 नवंबर को घाटशिला में आयोजित आंचलिक समिति (विहार, झारखंड, ओड़िशा) के साहित्य-संस्कृति उत्सव की जानकारी दी गई। इस अधिवेशन में आंचलिक समिति की अध्यक्ष डॉ. महुआ माजी, राज्यसभा सदस्य बिद्दुत बरण महतो और विधायक सोमेश सोरेन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बैठक में झारखंड में बांग्ला भाषा की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया और मातृभाषा की रक्षा के लिए बंगभाषियों को एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र और विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों के बाद शाम 4 बजे पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष स्वपन दत्ता, उपाध्यक्ष जी.डी. सांतरा, सचिव तारा शंकर दत्ता, शुभाशीष दास, विश्वमय दत्ता, बिमल सामंता, प्रवीर भद्र, अंकुर चौधरी, सह सचिव प्रनव दरिपा, मलय मुखर्जी, मानस घोष, रीता दास, रचिता दत्ता, सोनाली दरीपा, रुबी सामंता, सुनील दत्त, सुजीत गुहा, दीपक डे और चक्रधरपुर के श्रीकांत मजुमदार, बिप्रा बोस, सिप्रा, बनश्री सहित कई सदस्य, अतिथिगण और बालक/बालिकाएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का माहौल दिनभर उत्साहपूर्ण और आनंदमय रहा।

