नर्सिंग इस्पात कंपनी विस्तार का ग्रामीणों ने किया विरोध, ग्राम सभा में JLKM के तरुण महतो ने उठाई आवाज़
ईचागढ़ (सरायकेला):


नर्सिंग इस्पात कंपनी के विस्तार को लेकर विस्थापित व प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। कई वर्षों से मजदूरी दर, कृषि नुकसान और घरेलू उपज के साथ प्रतिदिन के कार्य को भी प्रदूषित किए जाने से जूझ रहे ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है और अब प्लांट का विस्तार करने पर आमादा है।
आज का ग्राम सभा चौका थाना अन्तर्गत खूंटी गांव के हरिमंदिर प्रांगण में आयोजित हुआ, जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने एक दिन पहले पारंपरिक तरीकों से ढोल बजाकर पूरे आस-पास के गांव में सुचित की थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर उन्हें कंपनी गेट से भगाया गया और मारपीट तक की गई। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन अब महिला समितियों को प्रलोभन देकर जनसुनवाई में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
ग्रामीणों ने कहा,
> “हम कल होने वाली जनसुनवाई का पुरजोर विरोध करते हैं और कंपनी के विस्तार का विरोध कंपनी के अंदर नहीं, बल्कि बाहर किसी अन्य स्थान पर करेंगे।”
ग्रामीणों ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी तरुण महतो को आवेदन सौंप कर कंपनी की शिकायत पहले भी की थी। ग्राम सभा में भी उन्होंने तरुण महतो को आमंत्रित कर कंपनी की ‘चालबाजी’ उजागर करने की मांग की।
तरुण महतो ने कहा,
> “ग्रामीणों के हक पर डाका डाला जा रहा है। कंपनी पनला डैम का पानी चोरी-छिपे अपने काम में इस्तेमाल कर रही है, जो ग्रामीणों के लिए नहरों से उपलब्ध होना चाहिए। हम इस शोषण का पुरजोर विरोध करेंगे।”
बैठक में पंचायत के मुखिया श्री सुखराम मांझी, जिला परिषद सदस्य सविता मार्डी, पंच परीक्षित महतो, पार्टी के केंद्रीय संगठन महासचिव फुलचांद महतो, जिला उपाध्यक्ष गुरुपद महतो, जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश कुमार महतो, प्रखंड मीडिया प्रभारी दिलीप महतो, मुकेश पाण्डेय समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
मुखिया सुखराम मांझी ने चेतावनी देते हुए कहा,
> “यह जमीन हमारे बाप-दादाओं की है। इसे हम ऐसे ही लूटने नहीं देंगे।”
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे कंपनी के विस्तार का डटकर विरोध करेंगे।


