पांड्रासाली में खेल प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, सोनाराम बोदरा हुए शामिल
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): मंझारी प्रखंड के पांड्रासाली गांव में गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंद्र पूजा सह छाता मेला, फुटबॉल खेल प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मेले में आसपास के गांवों के अलावा उड़ीसा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुल 15 टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में 70 से 150 तक कलाकार शामिल थे, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बने रहे।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक सरायकेला-खरसावां चंपाई सोरेन आमंत्रित थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वे उपस्थित नहीं हो सके। विशिष्ट अतिथि के रूप में सरायकेला-खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने संबोधन में सोनाराम बोदरा ने कहा कि ऐसे मेले और आयोजन लोक कला, संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता में आदिवासी हो समाज सुपर आकड़ा, पुरनापानी गांव को प्रथम पुरस्कार 20,000 रुपये, जय जवान जय किसान युवक संघ तरना गांव (उड़ीसा) को द्वितीय पुरस्कार 15,000 रुपये, संस्कृति क्लब भवन हरिगुटु चाईबासा को तृतीय पुरस्कार 10,000 रुपये, जोमको जुड़ी बोडेसाईं गांव को चतुर्थ पुरस्कार 7,000 रुपये, ताला माई आनदी सुसन रंगामटिया गांव को पांचवां पुरस्कार 5,000 रुपये तथा निशा न्यू बॉयज क्लब बलियाडिपा गांव को छठा पुरस्कार 3,000 रुपये दिया गया। शेष टीमों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में दो-दो हजार रुपये प्रदान किए गए।
फुटबॉल प्रतियोगिता में जयराम एफसी को प्रथम पुरस्कार 50,000 रुपये, तुरमसाईं एफसी को द्वितीय पुरस्कार 30,000 रुपये, किनाबसा को तृतीय पुरस्कार 15,000 रुपये और एडीमसाईं को चतुर्थ पुरस्कार 10,000 रुपये अतिथियों के हाथों प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण सोनाराम बोदरा, सावन सोय, अमन हांसदा और सोनाराम गगराई के द्वारा किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में ए.एन.एफ.सी. पांड्रासाली के संरक्षक सावन सोय, अध्यक्ष विकास बिरुआ, सचिव साधु चरण बिरुआ, उपसचिव रवि बिरुआ, कोषाध्यक्ष अंकुरा बिरुआ, मुंडा घनश्याम बिरुआ, डकुआ पीतांबर कालिंदी, बैजनाथ बिरुआ, तुराम बिरुआ, धर्मेंद्र गोप, कल्पना बिरुआ, ललिता बोदरा, बासमती बिरुआ, कृष्णा कालिंदी सहित हजारों ग्रामीणों का सहयोग रहा।

