JamshedpurNewsझारखण्ड

पूर्वी सिंहभूम में क्लबफुट उन्मूलन प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है टाटा स्टील फाउंडेशन

 

 

टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) ने टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH), जिला स्वास्थ्य प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम तथा अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लबफुट के सहयोग से ट्राइबल कल्चर सेंटर, सोनारी, जमशेदपुर में “नई राहें: नए कदम” नामक एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्लबफुट उन्मूलन परियोजना के सफल क्रियान्वयन तथा टाटा स्टील के भीतर सार्थक स्वयंसेवा की भावना का जश्न मनाया गया।

 

कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, आईएएस, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अन्य विशिष्ट अतिथियों में टाटा स्टील लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट– सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी राजीव मंगल, पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल तथा टाटा स्टील फाउंडेशन के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सौरव रॉय शामिल थे।

 

इस कार्यक्रम में टाटा मेन हॉस्पिटल एवं सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकीय नेतृत्व की भी उपस्थिति रही, जिनमें जीएम एमएस डॉ. विनिता सिंह, सीएमआईएस डॉ. अशोक सुंदर, सीएमएसएस (TMH) डॉ. ममता रथ तथा सदर अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. कमलेश प्रसाद शामिल थे। इसके अलावा ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तपन मुर्मू सहित अन्य चिकित्सक एवं अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

 

पिछले दो वर्षों में क्लबफुट उन्मूलन परियोजना के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में क्लबफुट से प्रभावित 80 से अधिक बच्चों की सफलतापूर्वक पहचान कर उन्हें उपचार प्रदान किया गया है। इन बच्चों का उपचार पॉन्सेटी पद्धति के माध्यम से किया जा रहा है, जो विश्व स्तर पर स्वीकृत, बिना सर्जरी की तथा किफायती सुधारात्मक तकनीक है। यह पद्धति समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करती है और बच्चों को दीर्घकालीन गतिशीलता प्रदान करने में सहायक है।

 

कार्यक्रम की सफलता का श्रेय प्रभावित परिवारों, मानसी+ टीम, सरकारी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों तथा टाटा मेन हॉस्पिटल और सदर अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जनों, डीएनबी रेजिडेंट्स, ड्रेसर्स एवं चिकित्सा स्टाफ के समर्पित स्वयंसेवी प्रयासों को जाता है। उनकी प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशील देखभाल ने प्रभावित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।

 

सम्मान समारोह के दौरान चिकित्सकों, रेजिडेंट्स एवं ड्रेसर्स को उनके स्वैच्छिक सेवा कार्य और कार्यक्रम में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं उपचाररत बच्चों के परिवारों को भी इस चुनौतीपूर्ण सुधार प्रक्रिया के दौरान उनके धैर्य, साहस और निरंतर प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *