पूर्वी सिंहभूम में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी उपलब्धि, चार कटे होंठ व तालु ग्रसित बच्चों का सफल ऑपरेशन
सिविल सर्जन कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम की पहल पर जिले के चार बच्चों को नया जीवन मिला है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के प्रयास से कटे होंठ एवं तालु से ग्रसित चारों बच्चों का रांची स्थित पारस अस्पताल, धुर्वा में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के उपरांत आज बच्चों को जमशेदपुर लौटने पर सिविल सर्जन ने उनका स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।


कटे होंठ और तालु की समस्या जन्मजात होती है, जिसे लेकर समाज में कई प्रकार की भ्रांतियाँ फैली रहती हैं। इस अवसर पर डॉ. साहिर पाल ने बताया कि यह किसी प्रकार का अभिशाप नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति है, जिसमें शिशु के होंठ या तालु में दरार या छेद होता है और यह सर्जरी द्वारा पूरी तरह ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और इलाज से बच्चों को दिव्यांगता से बचाया जा सकता है।
इन चारों बच्चों को डॉ. सबीहा कौसर और डॉ. राजेश कुमार द्वारा चिन्हित किया गया था। सदर अस्पताल के डीईआईसी में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज नारायण तिवारी और डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद की सक्रिय भूमिका से पारस अस्पताल में इनका नि:शुल्क ऑपरेशन संभव हो सका। पारस अस्पताल धुर्वा की ओर से कटे होंठ और तालु के मरीजों के लिए नि:शुल्क एक्स-रे और शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है।
डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद ने बताया कि इस समस्या से ग्रसित बच्चों को दूध पीने में दिक्कत, बोलने में कठिनाई, कान का संक्रमण और दांतों से संबंधित समस्याएँ देखने को मिलती हैं। जल्द उपचार से इन जटिलताओं से बचा जा सकता है।
आज के कार्यक्रम में डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद, डॉ. राज नारायण तिवारी, जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, सोशल वर्कर नमृता ठाकुर, स्टाफ नर्स कमलजीत कौर एवं डीईआईसी के कर्मचारी उपस्थित थे।
पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की यह उपलब्धि समाज में जागरूकता और चिकित्सा सुविधा की पहुँच को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम के रूप में देखी जा रही है।

