प्रशासक की मानवीय पहल, आश्रयगृह में दही–चूड़ा और तिलकुट का वितरण
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर चाईबासा के आश्रयगृह में निवास कर रहे लोगों के लिए प्रशासक की ओर से मानवीय पहल करते हुए दही–चूड़ा और तिलकुट की व्यवस्था की गई। इस पहल से आश्रयगृह में रह रहे महिला और पुरुष दोनों वर्ग के लोगों में खुशी देखी गई।


आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार, राज्य स्तरीय आश्रयगृह अनुश्रवण समिति तथा नगरीय प्रशासन निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड, रांची से प्राप्त निर्देश के आलोक में चाईबासा नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 में स्थित एक ही भवन में अलग-अलग तलों पर महिला एवं पुरुष आश्रयगृह का संचालन किया जा रहा है। इस आश्रयगृह में शहर के जरूरतमंद, बेसहारा और अस्थायी रूप से आश्रय लेने वाले लोगों को सुरक्षित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
मकर संक्रांति को ध्यान में रखते हुए प्रशासक द्वारा सभी आश्रय लेने वाले लोगों के लिए निशुल्क दही, चूड़ा और तिलकुट का प्रबंध किया गया। पर्व के दिन आश्रयगृह में रह रहे सभी लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। इस दौरान आश्रयगृह का वातावरण सौहार्दपूर्ण और उत्सवमय रहा।
आश्रयगृह में निवास करने वाले लोगों ने इस व्यवस्था के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से उन्हें त्योहारों के समय अपनापन और सम्मान का एहसास होता है। कई लोगों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में इस तरह की छोटी-छोटी सुविधाएं उनके लिए बड़ी राहत होती हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि आश्रयगृह में रहने वाले लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा रहा है और समय-समय पर विशेष अवसरों पर उनके लिए इस तरह की व्यवस्थाएं की जाती रहेंगी। इस पहल को सामाजिक सरोकार से जुड़ा कदम बताया गया है, जिससे जरूरतमंदों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिल सके।

