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“सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि एक खूबसूरत शुरुआत है”,सेवानिवृत्त सुरक्षाकर्मी को दी गई विदाई

 

 

 

 

सरायकेला खरसावां (झारखंड) 26 जनवरी 2026: ग्रुप फॉर के सुरक्षा कर्मी निर्मल मिश्रा लगातार लगभग 30 वर्षों की सेवा देने के बाद सेवानिवृत हुए। 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन मेटाफैब कंपनी में उनको भावपूर्ण विदाई दी गई। कहते है कि किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की विदाई एक भावुक क्षण होता है, जो अपार कृतज्ञता, पुरानी यादों और सुनहरे भविष्य की कामना से भरा होता है। सहकर्मी अक्सर उनके अमूल्य योगदान, मार्गदर्शन और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा को याद करते हैं, साथ ही उनके साथ बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताते हैं। यह पल एक अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए, सुकून भरे अध्याय की शुरुआत माना जाता है।

 

एक कर्मचारी द्वारा दिए गए वर्षों के निस्वार्थ सेवा, मार्गदर्शन और समर्पण के लिए सम्मान व्यक्त करना ये अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। सहकर्मीयो का कहना है कि कार्यस्थल पर उनकी जीवंतता, हंसी और अनुभव की कमी महसूस हमेशा रहेगा। उनके कार्य को एक उदाहरण (मिसाल) के रूप में याद किया जाएगा।साथ ही उनके आने वाले स्वस्थ, तनावमुक्त और सुखी जीवन (सेवानिवृत्ति) की कामना करना।

 

सहकर्मियों का ये भी कहना है कि आपका मार्गदर्शन और सहयोग अमूल्य रहा है, और हम आपको बहुत याद करेंगे। इस पूरे सफर में आपने जो कुछ भी दिया है, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद”।

“सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि एक खूबसूरत शुरुआत है। आशा है कि यह नया अध्याय आपके लिए रोमांच, संतुष्टि और अनंत आनंद लेकर आएगा”।

“कार्यालय में आपकी ऊर्जा और हंसी की बहुत याद आएगी। आपका समर्पण वाकई सराहनीय था। अब समय आ गया है कि आप जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान दें: परिवार, रुचियां और मनचाही शांति”।

“विदाई का ये पल भारी है, लेकिन आपकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। मेहनत की मिसाल हो आप, सलाम है”।

यह विदाई एक पेशेवर सफर को व्यक्तिगत स्नेह के साथ समाप्त करने का एक तरीका है।

 

अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता, चाहे वो सहकर्मी हों, दोस्त हों या प्रियजन। लेकिन एक भावपूर्ण विदाई संदेश इस बदलाव को सहज बना सकता है और एक अमिट छाप छोड़ सकता है। एक अच्छा विदाई उपहार भी विदाई के अनुभव को और बेहतर बना सकता है और यादगार पल बना सकता है।

 

इस विदाई समारोह में पूर्ण रूप से और महत्वपूर्ण योगदान में विष्णु कांत, उपेंद्र सिंह, बि. एस. राय, राकेश, सुनील मिश्रा, अबोध सिन्हा,वरुण दुबे,विनय, पंकज,अभय, माधुरी सिंह, नैना, आशुतोष राय, गणेश, ओपी सिंह, एसके पाण्डेय,ए के पाण्डेय, सन महतो, नीरज, संजय भारती, बबीता ,आकाश मंडल, सनातन और आशुतोष पाण्डेय इत्यादि शामिल रहे हैं।

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