शहीद निर्मल महतो विद्या मंदिर, महेशकुदर में शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती मनाई गई
महेशकुदर (भुईयांनाचना), सरायकेला।


सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत स्थित शहीद निर्मल महतो विद्या मंदिर, महेशकुदर (भुईयांनाचना) में आज झारखंड आंदोलन के मसीहा वीर शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीद निर्मल महतो के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक मानिक लाल महतो ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की पहचान, अधिकार और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो का बलिदान बेकार नहीं जाएगा और आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, भाषण एवं झारखंड आंदोलन से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने कहा कि शहीद निर्मल महतो का जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा का प्रतीक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शहीद निर्मल महतो के विचारों को आत्मसात करने तथा उनके सपनों के झारखंड के निर्माण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।


