श्रीनाथ विश्वविद्यालय में 9वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव का भव्य समापन, विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो रहे मुख्य अतिथि
आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित नौवां अंतर्राष्ट्रीय श्रीनाथ हिंदी महोत्सव का तीसरा एवं अंतिम दिन शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, चिंतन–मनन सत्र तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।


महोत्सव के समापन समारोह में झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष श्री रविंद्र नाथ महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि ईचागढ़ की विधायक श्रीमती सविता महतो विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि वाणिज्य और आर्थिक गतिविधियों में जमशेदपुर अग्रणी स्थान रखता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का नैतिक, बौद्धिक एवं मानवीय विकास करना है। भारत विविधताओं का देश है और भाषा हमारी पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों की रुचि और योग्यता को समझकर उन्हें उसी अनुरूप आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। श्रीनाथ विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के विकास के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंतर्राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव जैसे आयोजन आने वाली पीढ़ी को भाषा, संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने महोत्सव की उपलब्धियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
चिंतन–मनन सत्र
महोत्सव के तीसरे दिन “हिंदी भाषा: भावनात्मक जुड़ाव से व्यावसायिक सफलता तक” विषय पर चिंतन–मनन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में कैवेंटर एग्रो लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स) श्री राजेश वॉरियर वी.वी. तथा कॉलेज दुनिया वेबसाइट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्री रचित त्रिखा ने सहभागिता की। सत्र की समन्वयक सहायक प्राध्यापक श्रीमती रचना रश्मि एवं श्रीमती शिवांगी रहीं।
वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति की भाषा नहीं, बल्कि प्रभावी संचार, सफल विज्ञापन और सशक्त व्यवसाय का आधार बन चुकी है। श्री राजेश वॉरियर ने हिंदी में अनावश्यक अंग्रेज़ी शब्दों के प्रयोग पर चिंता जताते हुए मुंशी प्रेमचंद के साहित्य का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्मों के डब संस्करणों और हिंदी विज्ञापनों को व्यापक स्वीकार्यता मिलती है, क्योंकि हिंदी जनसामान्य से सहज रूप से जुड़ती है।
श्री रचित त्रिखा ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग में हिंदी कंटेंट सर्वाधिक प्रभावी सिद्ध हो रहा है। स्थानीय भाषा में विपणन किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी है और भारत में यह भूमिका हिंदी प्रभावी ढंग से निभाती है।
प्रतियोगिताएं व परिणाम
महोत्सव के तीसरे दिन सिनेमा की यादों में, समय यात्रा, लोरी लेखन, सूचना सृजन तथा लघु नाटिका (अंतिम चरण) सहित अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में जमशेदपुर, कोल्हान, बिहार एवं पश्चिम बंगाल के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों ने सहभागिता की।
प्रमुख विजेता इस प्रकार रहे:
हास्य कवि सम्मेलन: प्रथम – जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज, द्वितीय – महिला कॉलेज चाईबासा, तृतीय – पांडेश्वर कॉलेज
नुक्कड़ नाटक: प्रथम – महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर, द्वितीय – महिला कॉलेज चाईबासा, तृतीय – रंभा कॉलेज गीतिलता एवं करीम सिटी कॉलेज
नृत्य नाटिका: प्रथम – डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, द्वितीय – जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज एवं कॉलेज ऑफ नर्सिंग टीएमएच, तृतीय – मॉडल कॉलेज खरसावां
लघु नाटिका: प्रथम – महिला कॉलेज चाईबासा, द्वितीय – श्रीनाथ विश्वविद्यालय, तृतीय – जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय
(अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी मंच से सम्मानित किया गया।)
महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में श्री कुमार विवेक, श्री सौरभ सुमन झा, श्रीमती सुषमा सिंह, श्रीमती अरुणा झा, श्री जयकांत सिंह, श्री संदीप सावर्ण, श्री गौतम शंकर दास, श्री शत्रुध्न सिंह, सुश्री मोनिका सिंह, मोहम्मद निजाम एवं श्री शिवलाल सागर ने अपनी भूमिका निभाई।


